देव कथा
?
कृष्ण रास लीला का आध्यात्मिक अर्थ?
PAURANIK.ORG
संक्षिप्त उत्तर
गोपी=जीवात्मा, कृष्ण=परमात्मा, रास=आत्मा-परमात्मा मिलन। प्रत्येक गोपी साथ=ईश्वर सबके+व्यक्तिगत। सब छोड़ना=पूर्ण समर्पण। विरह=भक्ति चरम। भागवत: कामदेव जीतने वाले=काम नाश।
रास लीला ≠ शारीरिक/कामुक — पूर्णतः आध्यात्मिक। आध्यात्मिक अर्थ: 1। गोपियाँ = जीवात्माएँ। कृष्ण = परमात्मा। रास = आत्मा-परमात्मा मिलन = योग।
प्रत्येक गोपी के साथ कृष्ण = ईश्वर प्रत्येक आत्मा के साथ व्यक्तिगत संबंध। 'ईश्वर सबके हैं, पर मेरे भी हैं।
📖
सम्पूर्ण उत्तर पढ़ें
शास्त्रीय प्रमाण सहित विस्तृत उत्तर
पूरा उत्तर पढ़ें →
PAURANIK.ORG