त्योहार पूजा
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कृष्ण जन्माष्टमी पर दही हांडी का आध्यात्मिक अर्थ क्या है?
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संक्षिप्त उत्तर
दही हांडी अर्थ: सामूहिक शक्ति (अकेले लक्ष्य अप्राप्य), माखन = साधना से प्राप्त आनन्द/प्रेम, ऊँचाई = कठिन आध्यात्मिक लक्ष्य, गिरना-उठना = साधना बाधाएँ, नन्दोत्सव = 'आनन्दं ब्रह्म।' कृष्ण = भक्त के प्रे
दही हांडी जन्माष्टमी के अगले दिन (नन्दोत्सव) पर मनाई जाती है। ऊँचाई पर बँधी मटकी (हांडी) को मानव पिरामिड बनाकर तोड़ा जाता है।
पौराणिक आधार: भागवत पुराण के अनुसार बालकृष्ण गोकुल-वृन्दावन में ग्वालों के साथ मिलकर ऊँचाई पर रखे माखन-दही चुराते थे।
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