कुमकुम तिलक अनामिका अंगुली से माथे के मध्य आज्ञाचक्र पर लगाएँ। स्नान के बाद लगाना शुभ है। तर्जनी से तिलक नहीं लगाना चाहिए। देवी पूजन, मंगलवार और नवरात्रि में इसका विशेष महत्व है।
कुमकुम तिलक हिंदू पूजा-पद्धति में विशेष महत्व रखता है। यह हल्दी और चूने के रासायनिक संयोग से बनता है जिससे इसका रंग लाल हो जाता है।
शास्त्रों में कुमकुम तिलक को तेजस्विता और आज्ञाचक्र की शुद्धि का प्रतीक माना गया है।