हाँ, मंत्र जप से जीवन बदलता है। ध्रुव (बालक जप → ध्रुव तारा), प्रह्लाद (नाम स्मरण → नृसिंह), वाल्मीकि (मरा-मरा → महर्षि)। जप से: मन शांत → बेहतर निर्णय → बेहतर जीवन। संस्कार बनता है — धीरे-धीरे पूरा ज
मंत्र जप से जीवन परिवर्तन के उदाहरण भागवत पुराण में मिलते हैं: भागवत के प्रमाण: 1।
ध्रुव: ध्रुव ने बालक अवस्था में वन में जप किया — 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' — और ध्रुव तारा बने। एक बालक का जप — अमर हुआ।