वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस के अरण्यकांड में लक्ष्मण रेखा का उल्लेख नहीं मिलता। यह परवर्ती रामायणों जैसे आनंदरामायण में आई और रामानंद सागर के धारावाहिक से लोकप्रिय हुई। तुलसीदास ने लंकाकांड में मंद
लक्ष्मण रेखा रामकथा का एक अत्यंत प्रसिद्ध प्रसंग है, परंतु इसका सबसे बड़ा रहस्य यह है कि वाल्मीकि रामायण में — जो रामकथा का सर्वाधिक प्राचीन और प्रामाणिक ग्रंथ माना जाता है — लक्ष्मण रेखा का कोई उल्ले
इतना ही नहीं, महाभारत में आई रामकथा में भी और गोस्वामी तुलसीदास रचित रामचरितमानस के अरण्यकांड में भी यह प्रसंग अनुपस्थित है।