शिव पुराण: 7 संहिताएं, ~24,000 श्लोक, कथा+पूजा प्रधान (शिव विवाह, दक्ष यज्ञ, ज्योतिर्लिंग)। लिंग पुराण: 2 भाग, ~11,000 श्लोक, शिवलिंग दर्शन+ब्रह्मांड विज्ञान (28 शिव अवतार)। शिव पुराण = भक्तिमार्गी, ल
लिंग पुराण और शिव पुराण दोनों 18 महापुराणों में शामिल हैं और शिव को समर्पित हैं, किन्तु दोनों भिन्न ग्रंथ हैं: शिव पुराण: - विषय: शिव की लीलाएं, कथाएं, पूजा विधि, व्रत, तीर्थ, दर्शन।