ब्रह्मा-विष्णु के श्रेष्ठता-विवाद के समय एक अनंत ज्योतिर्लिंग प्रकट हुआ। दोनों उसका आदि-अंत नहीं खोज पाए। तब शिव उस ज्योति से प्रकट हुए और बोले — 'मैं ही अनादि-अनंत हूँ।' यही लिंगोद्भव है।
लिंगोद्भव शिव पुराण और श्रीमद्भागवत पुराण में वर्णित एक महत्वपूर्ण कथा है जो शिव की सर्वोच्चता को प्रमाणित करती है।
कथा — एक समय ब्रह्मा और विष्णु के बीच यह विवाद उत्पन्न हुआ कि दोनों में श्रेष्ठ कौन है। दोनों स्वयं को सर्वश्रेष्ठ बताने लगे।