गंभीर रोगों के निवारण हेतु मूल मंत्र के आगे और पीछे 'ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः' बीजाक्षरों का संपुट लगाकर रुद्राक्ष माला से जप करना महामृत्युंजय संपुट पाठ कहलाता है।
महामृत्युंजय मंत्र अकाल मृत्यु को टालने और गंभीर रोगों से मुक्ति का अमोघ उपाय है।
जब स्थिति अत्यंत गंभीर हो, तब इसका 'संपुट पाठ' किया जाता है।