महामृत्युंजय के लाभ: रोग नाश, अकाल मृत्यु से रक्षा, दीर्घायु, भय नाश, मानसिक शांति, ग्रह दोष शमन और अंततः मोक्ष। मार्कंडेय पुराण में 16 वर्षीय मार्कंडेय की कथा — शिव ने यमराज को वापस भेजकर उन्हें चिरं
महामृत्युंजय मंत्र के लाभ ऋग्वेद की टीकाओं, शिव पुराण और मार्कंडेय पुराण में वर्णित हैं: पौराणिक प्रमाण — मार्कंडेय की कथा: मार्कंडेय पुराण में वर्णित है — ऋषि मृकंड के पुत्र मार्कंडेय की आयु केवल 16
यमराज स्वयं उन्हें लेने आए। मार्कंडेय ने शिवलिंग को पकड़ लिया और महामृत्युंजय मंत्र जपने लगे।