मंत्र जप नियम
?
मंत्र जप में संक्रांति का क्या विशेष महत्व है?
PAURANIK.ORG
संक्षिप्त उत्तर
सूर्य राशि परिवर्तन = ऊर्जा transition → जप अधिक ग्रहण। पुण्यकाल (कई गुना)। गायत्री/सूर्य विशेष। मकर सर्वप्रमुख। ±3 घंटे पुण्यकाल। स्नान→दान→जप।
संक्रांति (सूर्य राशि परिवर्तन) = मंत्र जप विशेष: महत्व: 1।
सूर्य ऊर्जा: संक्रांति = सूर्य नई राशि में → ऊर्जा transition → मंत्र जप = अधिक ग्रहण।
📖
सम्पूर्ण उत्तर पढ़ें
शास्त्रीय प्रमाण सहित विस्तृत उत्तर
पूरा उत्तर पढ़ें →
PAURANIK.ORG