शिवलिंग पर केवल साबुत (अखंडित) अक्षत ही अर्पित करें — टूटे चावल वर्जित (शिव पुराण)। जलाभिषेक और चंदन तिलक के बाद दाहिने हाथ से चढ़ाएं। बिना कुमकुम/हल्दी के सादे श्वेत अक्षत प्रयोग करें। रुद्राभिषेक मे
शिवलिंग पर अक्षत (साबुत चावल) चढ़ाने का विधान शिव पुराण और पूजा पद्धति ग्रंथों में वर्णित है: अक्षत का अर्थ: 'अक्षत' का शाब्दिक अर्थ है 'जो खंडित न हो' — अर्थात् साबुत, अखंडित चावल।