अठारह महापुराण — सम्पूर्ण सूची, सारांश और कथाएँ
हिन्दू धर्म में अठारह महापुराणों का विशेष महत्व है। ये पुराण सृष्टि की उत्पत्ति, देवताओं की लीलाएँ, धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष के मार्ग प्रशस्त करते हैं। कुल मिलाकर इन अठारह पुराणों में लगभग 4,00,000 श्लोक हैं। नीचे प्रत्येक पुराण का संक्षिप्त परिचय दिया गया है।
ब्रह्म पुराण
सृष्टि उत्पत्ति, तीर्थ महात्म्य, सूर्य वंश
पद्म पुराण
सृष्टि खंड, भूमि खंड, स्वर्ग खंड, पाताल खंड, उत्तर खंड
विष्णु पुराण
विष्णु के अवतार, ध्रुव कथा, प्रह्लाद कथा
शिव पुराण
शिव लीला, शिव विवाह, ज्योतिर्लिंग, रुद्राभिषेक
भागवत पुराण
कृष्ण लीला, दशावतार, भक्ति योग, उद्धव गीता
नारद पुराण
भक्ति, व्रत, तीर्थ, ज्योतिष, व्याकरण
मार्कण्डेय पुराण
दुर्गा सप्तशती, सावित्री-सत्यवान कथा
अग्नि पुराण
अवतार, पूजा विधि, वास्तु, ज्योतिष, आयुर्वेद
भविष्य पुराण
भविष्य की घटनाएँ, व्रत, दान, सूर्य पूजा
ब्रह्मवैवर्त पुराण
कृष्ण जन्म खंड, प्रकृति खंड, गणेश खंड
लिंग पुराण
शिव लिंग महात्म्य, 28 शिवावतार
वराह पुराण
वराह अवतार, भूमि उद्धार, तीर्थ महात्म्य
स्कन्द पुराण
सबसे बड़ा पुराण — तीर्थ, व्रत, शिव-पार्वती
वामन पुराण
वामन अवतार, शिव-पार्वती विवाह
कूर्म पुराण
कूर्म अवतार, लक्ष्मी कथा, ईश्वर गीता
मत्स्य पुराण
मत्स्य अवतार, मंदिर निर्माण, राजधर्म
गरुड़ पुराण
मृत्यु के बाद, यमलोक, प्रेतकर्म, श्राद्ध विधि
ब्रह्माण्ड पुराण
ललिता सहस्रनाम, अध्यात्म रामायण, सृष्टि विज्ञान