आध्यात्मिक उन्नति में सबसे बड़ी बाधा क्या है?
की चेकलिस्ट
अहंकार (सर्वसम्मत)। 'मैं spiritual'=सबसे खतरनाक। कबीर: 'जब मैं था तब हरि नहीं।' गीता: अहंकार=आसुरी। उपाय: सेवा, समर्पण, गुरु, विनम्रता।
- 1'मैं': 'मैं साधक हूं', 'मैंने इतना किया', 'मुझे अनुभव हुआ' = अहंकार = बाधा #1।
- 2गीता (16.18): 'अहंकारं बलं दर्पं कामं क्रोधं...' — अहंकार = आसुरी संपत्ति।
- 3आध्यात्मिक अहंकार: सबसे सूक्ष्म — 'मैं spiritual हूं' = 'मैं दूसरों से बेहतर' = सबसे खतरनाक।
- 4कबीर: 'जब मैं था तब हरि नहीं, अब हरि है मैं नाहीं। प्रेम गली अति सांकरी, तामें दो न समाहीं।'
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
साधना मार्गदर्शन
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।