बीज मंत्र जप कैसे करें?
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बीज मंत्र जप की तीन विधियाँ: वाचिक (सामान्य), उपांशु (100 गुना फल), मानस जप (1000 गुना फल — सर्वोत्तम)। माला: 108 मनके, मध्यमा-अनामिका से, तर्जनी वर्जित, गोमुखी में रखें। अनुस्वार को नाक से गुंजाएं। गुरु-दीक्षा, संकल्प, और शुद्धि अनिवार्य।
- 1गुरु-दीक्षा — बीज मंत्र गुरु से दीक्षित होकर ही जपें। अदीक्षित जप में शक्ति-जागृति नहीं होती।
- 2संकल्प — जप आरंभ करने से पूर्व हाथ में जल/अक्षत लेकर संकल्प करें: देवता का नाम, जप-संख्या, और फल (या निष्काम भाव) बोलें।
- 3शुद्धि — स्नान, शुद्ध वस्त्र, और आसन अनिवार्य।
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बीज मंत्र
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