बीज मंत्र क्या होते हैं और कैसे काम करते हैं?
की चेकलिस्ट
बीज मंत्र = देवशक्ति का मूल नाद-बीज। शारदातिलक: बीज में सम्पूर्ण देवशक्ति समाहित। कार्यविधि: देवता के मूल कंपन से अनुनाद (resonance), वर्ण-शक्ति का संयोजन, अनुस्वार से नाद-एकत्रीकरण। कुलार्णव: 'देवता बीजे निवसति।' गुरु-दीक्षा के बिना बीज मंत्र निष्फल।
- 1बीज का अर्थ है 'बीज' — जैसे एक बीज में पूरा वृक्ष समाहित है, वैसे ही एक बीज मंत्र में पूरी देवशक्ति समाहित है। बीज मंत्र सभी मंत्रों की 'माता' हैं।
- 2स्वर = शक्ति (शिव की चेतना)
- 3व्यञ्जन = शरीर (माया)
- 4अनुस्वार (बिंदु ं) = नाद की ऊर्जा को एकत्रित करता है
- 5विसर्ग (ः) = ऊर्जा को विस्तारित करता है
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बीज मंत्र
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