ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
चेकलिस्ट

भगवान दुखों को क्यों नहीं रोकते

की चेकलिस्ट

ब्रह्मसूत्र 2.1.34 — ईश्वर निर्दय नहीं; दुःख जीव के कर्मों से आता है। गीता 2.14 — सुख-दुःख अनित्य। अविद्या (अज्ञान) दुःख का मूल कारण। आत्मा दुःख से अप्रभावित (गीता 2.23)। ईश्वर ने मोक्ष मार्ग दिया — शाश्वत दुःख मुक्ति।

  1. 1गीता 2.14 — 'मात्रास्पर्शास्तु कौन्तेय शीतोष्णसुखदुःखदाः। आगमापायिनोऽनित्यास्तांस्तितिक्षस्व भारत।।' — सुख-दुःख अनित्य (temporary) हैं, आते-जाते रहते हैं। सहन करो।
  2. 2गीता 5.15 — भगवान किसी के पाप या पुण्य को नहीं लेते। अज्ञान से ज्ञान ढका हुआ है — इसी से जीव मोहित होते हैं।
  3. 3दुःख आत्म-विकास और ज्ञान का साधन है।
  4. 4दुःख ही वैराग्य उत्पन्न करता है जो मोक्ष का मार्ग है।
  5. 5बुद्ध ने भी कहा — दुःख ही सत्य की खोज का प्रारंभ बिंदु है।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें

मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।

श्रेणी
हिंदू दर्शन

इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।