दक्षिणा काली और श्मशान काली में क्या अंतर है?
की चेकलिस्ट
दक्षिणा काली: शीघ्र प्रसन्न, वरदान देने में चतुर, वरद हस्त से कृपा। श्मशान काली: श्मशान में उपासना, केवल भोग-भय पर विजय प्राप्त साधकों के लिए, मृत्यु के भय से मुक्त करती हैं।
- 1भक्तों पर शीघ्र प्रसन्न होकर वरदान देने में अत्यंत चतुर मानी जाती हैं।
- 2उनका वरद हस्त भक्तों पर कृपा बरसाता है।
- 3उनकी उपासना श्मशान जैसे स्थानों पर की जाती है।
- 4यह विशेष रूप से उन साधकों के लिए है जो भोग और भय दोनों पर विजय प्राप्त कर चुके हों।
- 5उनका भयनाशक रूप साधक को मृत्यु के भय से मुक्त करता है।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
परिचय और स्वरूप
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।