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चेकलिस्ट

ध्यान के दौरान मन को कैसे नियंत्रित करें?

की चेकलिस्ट

गीता (6/35) — 'अभ्यास और वैराग्य से मन वश में होता है।' ध्यान में मन को लड़कर नहीं — एक लंगर (ओम्/श्वास/इष्टदेव) से पकड़ें। मन भटके तो बिना खीझे वापस लाएं (गीता 6/26)। योगसूत्र (1/14) — दीर्घकाल, निरंतर और श्रद्धापूर्वक अभ्यास से मन दृढ़ होता है।

  1. 1मन कठिन है — किंतु अभ्यास + वैराग्य से वश में होता है।
  2. 2वापस लाने की क्रिया ही अभ्यास है। 100 बार भटके, 100 बार वापस लाएं — यही साधना है।
  3. 3अभ्यास तब दृढ़ होता है जब:
  4. 4दीर्घकाल तक किया जाए
  5. 5निरंतर किया जाए (रोज बिना नागा)
  6. 6श्रद्धापूर्वक किया जाए
  7. 7मन दो प्रकार का है — शुद्ध (कामना-रहित) और अशुद्ध। ध्यान अशुद्ध मन को शुद्ध करता है।
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