दोपहर में पूजा कर सकते हैं या सिर्फ सुबह शाम
की चेकलिस्ट
दोपहर में पूजा की जा सकती है — यह निषेध नहीं है। प्रातःकाल सर्वश्रेष्ठ, संध्या काल दूसरा उत्तम समय है। शिव पूजा के लिए मध्याह्न भी शुभ माना जाता है। भोजन के तुरंत बाद और राहुकाल में पूजा से बचें।
- 1प्रातःकाल (ब्रह्म मुहूर्त से सूर्योदय) — सर्वश्रेष्ठ समय। ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से लगभग 1.5 घंटे पहले) सबसे पवित्र माना जाता है।
- 2संगव काल (सूर्योदय से 3-4 घंटे बाद) — यह भी पूजा के लिए उत्तम समय है।
- 3मध्याह्न (दोपहर) — शिव पुराण में मध्याह्न संध्या का उल्लेख है। शिव पूजा के लिए मध्याह्न भी शुभ माना जाता है। विशेष रूप से:
- 4संध्या काल (सूर्यास्त के समय) — संध्या वंदन और संध्या पूजा का शास्त्रीय समय।
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