एकादशी व्रत कैसे रखें विधि और नियम?
की चेकलिस्ट
एकादशी व्रत: दशमी शाम एक भोजन (चावल वर्जित) → एकादशी: निर्जला/फलाहार + विष्णु पूजा + 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' + रात्रि जागरण → द्वादशी: सूर्योदय बाद पारण। अन्न-प्याज-लहसुन वर्जित। प्रति मास 2, वर्ष 24 एकादशी।
- 1संध्या को एक बार सात्त्विक भोजन करें।
- 2तामसिक भोजन (प्याज, लहसुन, मांस, मदिरा) पूर्णतः वर्जित।
- 3चावल न खाएँ (दशमी संध्या से एकादशी तक)।
- 4ब्रह्मचर्य पालन।
- 5प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान।
- 6संकल्प: 'एकादश्यां निराहारो भूत्वा...' — एकादशी व्रत का संकल्प।
- 7भगवान विष्णु की पूजा — तुलसी, पीले पुष्प, चन्दन, पंचामृत।
- 8'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र जप।
- 9विष्णु सहस्रनाम, भगवद्गीता, भागवत पुराण का पाठ।
- 10निर्जला (जल भी नहीं) या फलाहार व्रत। अन्न पूर्णतः वर्जित।
- 11यथासम्भव जागरण (रात्रि जागरण एकादशी का प्रमुख अंग)।
- 12भजन-कीर्तन, कथा श्रवण, ग्रन्थ पाठ।
- 13द्वादशी तिथि में ही व्रत पारण (व्रत खोलना) करें — बहुत देर न करें।
- 14पारण का समय: सूर्योदय के बाद, द्वादशी तिथि रहते हुए।
- 15पारण में तुलसी दल सहित जल पीकर, फिर सात्त्विक भोजन।
- 16अन्न (चावल, गेहूँ, दालें) — पूर्णतः वर्जित।
- 17प्याज, लहसुन, मांस, मदिरा।
- 18शहद, बैंगन, मसूर दाल (कुछ परम्पराओं में)।
- 19क्रोध, झूठ, निन्दा, हिंसा।
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