गरुड़ पुराण में यमलोक यात्रा का विवरण?
की चेकलिस्ट
मृत्यु→यमदूत→सूक्ष्म शरीर→86,000 योजन कठिन मार्ग→वैतरणी नदी (गो-दान से पार)→यमराज दरबार→चित्रगुप्त कर्म लेखा→स्वर्ग/नर्क/पुनर्जन्म। 10 दिन यात्रा = दशगात्र अनुष्ठान।
- 1मृत्यु: प्राण निकलने पर यमदूत आत्मा को लेने आते हैं।
- 2सूक्ष्म शरीर: आत्मा अंगूठे के बराबर सूक्ष्म शरीर (यातना शरीर) धारण करती है।
- 3यमलोक मार्ग: 86,000 योजन (लाखों किमी) लंबा अत्यंत कठिन मार्ग — भयंकर गर्मी, ठंड, अंधकार।
- 4वैतरणी नदी: रक्त और पूय (मवाद) से भरी भयानक नदी। गो-दान करने वाले की गाय इस नदी को पार कराती है।
- 5यमराज दरबार: चित्रगुप्त कर्मों का लेखा-जोखा पढ़ते हैं। पाप-पुण्य का हिसाब।
- 6फल: पुण्यात्मा → स्वर्ग/उच्च लोक। पापी → नर्क (28 प्रकार — तामिस्र, अंधतामिस्र, रौरव आदि)। मिश्रित → पुनर्जन्म।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
पौराणिक ज्ञान
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।