गीता का अध्ययन कब करना चाहिए?
की चेकलिस्ट
गीता का अध्ययन प्रतिदिन ब्रह्ममुहूर्त या प्रातःकाल करना सर्वोत्तम है। गीता (18/70) के अनुसार इसके अध्ययन से ज्ञान-यज्ञ का फल मिलता है। गीता किसी भी समय, किसी भी आयु में पढ़ी जा सकती है।
- 1जीवन-संकट में — जब निर्णय लेना कठिन हो, गीता का अर्जुन-संकट से साम्य है
- 2शोक और विषाद में — गीता का पहला अध्याय इसी अवस्था में आरंभ होता है
- 3एकादशी — वैष्णव परंपरा में एकादशी पर गीता-पाठ विशेष फलदायी
- 4गीता जयंती — मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी (मोक्षदा एकादशी)
- 5जो इस पवित्र संवाद का अध्ययन करेगा, वह ज्ञान-यज्ञ द्वारा मेरी पूजा करेगा।
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गीता अध्ययन
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