गंगा दशहरा पर गंगा पूजा कैसे करें
की चेकलिस्ट
गंगा दशहरा: ज्येष्ठ शुक्ल दशमी — गंगा अवतरण दिवस। गंगा/नदी स्नान → गंगा पूजा (श्वेत पुष्प, चन्दन) → गंगा स्तोत्र → 10 की संख्या में दान → नदी में दीपदान। दशहरा = 10 पापों का नाश (3 कायिक + 4 वाचिक + 3 मानसिक)।
- 1प्रातः गंगा/नदी स्नान — सम्भव न हो तो घर पर गंगाजल मिला स्नान।
- 2गंगा तट पर (या घर पर) गंगा माता का चित्र/कलश स्थापित करें।
- 3गंगा पूजा — जल, अक्षत, हल्दी, कुमकुम, श्वेत पुष्प, चन्दन, धूप-दीप।
- 4गंगा स्तोत्र पाठ: 'देवि सुरेश्वरि भगवति गंगे...' या 'नमामि गंगे तव पादपंकजम्'।
- 5दान: 10 की संख्या में (दशहरा = 10 पाप नाश) — 10 फल, 10 वस्त्र, 10 दक्षिणा आदि।
- 6दीपदान — गंगा/नदी में दीये प्रवाहित।
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