कुंडली में राजयोग कैसे देखें?
की चेकलिस्ट
केंद्र(1,4,7,10)+त्रिकोण(1,5,9) स्वामी संबंध=पाराशरी राजयोग। गजकेसरी=गुरु+चंद्र केंद्र। नीच भंग=नीच ग्रह+स्वामी देखे। विपरीत=6/8/12। धन=1,2,5,9,11। फल=दशा+बल पर निर्भर। ⚠️ ज्योतिषी अनिवार्य — बहुत जटिल, स्वयं निर्णय=भ्रम।
- 1केंद्र+त्रिकोण स्वामी एक ही भाव में हों (युति)।
- 2केंद्र+त्रिकोण स्वामी एक-दूसरे को देख रहे हों (दृष्टि)।
- 3केंद्र+त्रिकोण स्वामी राशि परिवर्तन (Exchange) कर रहे हों।
- 4अधिक शुभ ग्रहों की युति = अधिक प्रबल राजयोग।
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