माँ भुवनेश्वरी की साधना की पूर्ण विधि क्या है?
की चेकलिस्ट
भुवनेश्वरी साधना विधि: रात्रि 10 बजे बाद → स्नान → श्वेत वस्त्र → श्वेत आसन, पूर्वाभिमुख → गुरु चित्र पूजन → यंत्र स्थापना-पंचोपचार → जल से संकल्प-विनियोग-न्यास → मूंगे का दाना यंत्र पर → पुष्प से ध्यान → 9 दिन मंत्र जाप।
- 1रात्रि में दस बजे के उपरांत, स्नान आदि से निवृत्त होकर श्वेत स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- 2श्वेत आसन पर पूर्वाभिमुख होकर बैठें।
- 3सर्वप्रथम गुरु चित्र का स्थापन और पूजन करें।
- 4अपने सामने लाल वस्त्र से ढके बाजोट पर भुवनेश्वरी यंत्र स्थापित करें और पंचोपचार पूजन संपन्न करें।
- 5दाहिने हाथ में जल लेकर संकल्प, विनियोग और न्यास (करन्यास, अंगन्यास आदि) करें।
- 6महाविद्या भुवनेश्वरी से मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करते हुए 'मूंगे का दाना' यंत्र पर अर्पित करें।
- 7दोनों हाथों में पुष्प लेकर भुवनेश्वरी का ध्यान करें और वे पुष्प यंत्र पर अर्पित करें।
- 8निर्दिष्ट मंत्र का जाप (उदाहरण के लिए, 9 दिनों तक) करें।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
पूजा विधान
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।