माँ धूमावती की साधना की पूर्ण विधि क्या है?
की चेकलिस्ट
धूमावती साधना विधि: ब्रह्म मुहूर्त में स्नान → काले वस्त्र → गंगाजल से पूजा स्थल शुद्धि → दक्षिण दिशा में काले कपड़े पर गीला नारियल/यंत्र → तेल दीपक → संकल्प-विनियोग-न्यास → ध्यान-पूजन → 9 माला × 9/11/21 दिन → दशांश हवन (काली मिर्च+काले तिल+घी)।
- 1ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र (प्रायः काले वस्त्र) धारण करें।
- 2पूजा स्थल को गंगाजल से पवित्र करें।
- 3दक्षिण दिशा में लकड़ी की चौकी पर काला कपड़ा बिछाकर उस पर गीला नारियल (पानी वाला) या धूमावती यंत्र स्थापित करें।
- 4तेल का दीपक जलाएं।
- 5संकल्प, विनियोग, न्यास करें।
- 6देवी का ध्यान करके धूप, दीप, चावल, पुष्प (सूखे फूल भी चढ़ाए जा सकते हैं) आदि से पूजन करें।
- 7निर्दिष्ट मंत्र का जाप (सामान्यतः 9, 11 या 21 दिन, प्रतिदिन निर्धारित संख्या में, जैसे 9 माला) करें।
- 8मंत्र जप संपन्न होने पर मंत्र का दशांश हवन काली मिर्च, काले तिल, घी और हवन सामग्री से करें।
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