माँ काली की साधना की पूर्ण विधि क्या है?
की चेकलिस्ट
काली साधना विधि: एकांत + दक्षिण दिशा + काला आसन → संकल्प → गुरु-गणेश-भैरव पूजन → यंत्र स्थापना + पंचोपचार/षोडशोपचार → अंगन्यास-करन्यास → 11/21/108 माला मंत्र जाप → काली कवच पाठ → आरती + क्षमा प्रार्थना।
- 1साधना एकांत स्थान पर, दक्षिण दिशा की ओर मुख करके, काले आसन पर बैठकर करनी चाहिए।
- 2सर्वप्रथम संकल्प लेकर गुरु, गणेश और भैरव का पूजन करना चाहिए।
- 3महाकाली यंत्र की स्थापना कर उसका पंचोपचार या षोडशोपचार पूजन करें (धूप, दीप, पुष्प, नैवेद्य, अक्षत, जल आदि अर्पित करें)।
- 4विशिष्ट न्यास (अंगन्यास, करन्यास) करें, जिसमें मंत्रोच्चार के साथ शरीर के विभिन्न अंगों (जैसे शिर, मुख, हृदय) को स्पर्श किया जाता है।
- 5निर्दिष्ट मंत्र का निर्धारित संख्या में (जैसे 11, 21 या 108 माला) जाप करें।
- 6काली कवच का पाठ भी अत्यंत फलदायी माना जाता है।
- 7पूजा के अंत में आरती और क्षमा प्रार्थना करनी चाहिए।
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