महामाया की पूजा कैसे करते हैं?
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महामाया पूजा: दुर्गा या काली रूप में। नवरात्रि अष्टमी-नवमी = दुर्गा सप्तशती मंत्रों से। दुर्गा सप्तशती प्रथम अध्याय पाठ (योगनिद्रा महिमा)। 'दुर्गे समस्यात्मिका जगन्माता महामाया' मंत्र से वंदना। भक्तभाव = सरल हृदय से पुकारना।
- 1नवरात्रि में विशेष रूप से अष्टमी-नवमी तिथि को उन्हें दुर्गा सप्तशती के मंत्रों द्वारा पूजते हैं।
- 2देवी की कृपा प्राप्त करने हेतु दुर्गा सप्तशती के प्रथम अध्याय का श्रद्धापूर्वक पाठ किया जाता है, जिसमें उनकी योगनिद्रा रूपी महिमा गाई गई है।
- 3श्री चंडी पाठ में आए मंत्र 'दुर्गे समस्यात्मिका जगन्माता महामाया' द्वारा उनकी वंदना की जाती है।
- 4सामान्य भक्त महामाया से प्रार्थना करते हैं कि हे महामाये! हमारी मोहमाया दूर करो और सत्य का प्रकाश दो।
- 5उनकी पूजा में भक्तभाव मुख्य है — एक छोटे बच्चे की तरह सरल हृदय होकर जो महामाया शारदा (माता) को पुकारता है, माता उसकी रक्षा अवश्य करती हैं।
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