मकर संक्रांति पर सूर्य पूजा की षोडशोपचार विधि क्या है?
की चेकलिस्ट
सूर्य षोडशोपचार पूजा के 16 चरण: ध्यान → आसन → पाद्य-अर्घ्य → आचमन-मधुपर्क → स्नान → वस्त्र → यज्ञोपवीत → गंध-कुमकुम → पुष्प-दूर्वा → धूप → दीप → नैवेद्य (खिचड़ी) → ताम्बूल-दक्षिणा → आरती → प्रदक्षिणा → पुष्पांजलि-क्षमा।
- 1आवाहन एवं ध्यान: लाल वस्त्र पर तांबे की सूर्य मूर्ति या सूर्य यंत्र स्थापित करें। कलश स्थापित करें। 'आदित्यहृदय स्तोत्र', 'सूर्याष्टक' या 'सूर्य सहस्रनाम' का पाठ करें।
- 2आसन: कुश या पुष्प का आसन अर्पित करें।
- 3पाद्य एवं अर्घ्य: चरणों को धोने के लिए जल और हाथों के लिए अर्घ्य दें।
- 4आचमनीय एवं मधुपर्क: मुख शुद्धि का जल और दही-घी-शहद का मधुपर्क अर्पित करें।
- 5स्नान: शुद्ध जल और पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शर्करा) से स्नान कराएँ।
- 6वस्त्र एवं उपवस्त्र: पीले या लाल रंग के वस्त्र अर्पित करें।
- 7यज्ञोपवीत: जनेऊ पहनाएँ।
- 8गंध एवं कुमकुम: रक्त चंदन, कुमकुम और हल्दी का तिलक लगाएँ।
- 9पुष्प एवं दूर्वा: लाल पुष्प (गुड़हल, कमल या कनेर) और दूर्वा घास अर्पित करें।
- 10धूप: सुगन्धित धूप या अगरबत्ती जलाएं।
- 11दीप: गाय के शुद्ध घी का दीपक प्रज्वलित करें।
- 12नैवेद्य: खिचड़ी का विशेष सात्विक भोग और तिल-गुड़ के मिष्ठान अर्पित करें।
- 13ताम्बूल एवं दक्षिणा: पान का पत्ता, लौंग, इलायची, सुपारी और दक्षिणा अर्पित करें।
- 14नीराजन: कपूर और दीप से आरती करें।
- 15प्रदक्षिणा: अपने स्थान पर खड़े होकर परिक्रमा करें।
- 16पुष्पांजलि एवं क्षमा-प्रार्थना: पुष्पांजलि अर्पित कर पूजा में रही त्रुटियों के लिए क्षमा याचना करें।
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षोडशोपचार पूजा
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