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चेकलिस्ट

मरने के बाद आत्मा को नया शरीर कब मिलता है

की चेकलिस्ट

गीता 2.22 — आत्मा पुराना शरीर छोड़कर नया लेती है। समय निश्चित नहीं — पुण्यात्मा को शीघ्र, पापात्मा को नरक भोगकर, प्रेत को लंबे समय बाद। पितृयान मार्ग वालों को पुण्य क्षीण होने पर। मुक्त आत्मा को नया शरीर नहीं मिलता।

  1. 1तत्काल (कुछ मतानुसार) — बृहदारण्यक उपनिषद (4.4.3) में कहा गया है कि जैसे जोंक (leech) एक तिनके को पकड़कर दूसरे पर जाती है, वैसे ही आत्मा एक शरीर छोड़कर दूसरा पकड़ती है। यह संकेत करता है कि यह प्रक्रिया तीव्र हो सकती है।
  2. 2कर्मानुसार विलंब — गरुड़ पुराण के अनुसार:
  3. 3पितृयान मार्ग — बृहदारण्यक उपनिषद (6.2.16) के अनुसार सकाम कर्मी चंद्रलोक/पितृलोक जाते हैं, पुण्य क्षीण होने पर पुनः जन्म लेते हैं — यह अवधि दीर्घ हो सकती है।
  4. 4मोक्ष — मुक्त आत्मा को नया शरीर नहीं मिलता — वह जन्म-मृत्यु चक्र से पूर्णतः मुक्त हो जाती है।
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आत्मा और मोक्ष

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