मासिक धर्म में पूजा पाठ कर सकती हैं या नहीं
की चेकलिस्ट
परंपरागत: 3-5 दिन मूर्ति पूजा/मंदिर वर्जित। मानसिक जप/भजन = सदैव अनुमत। व्रत रख सकती हैं, पूजा अन्य से कराएं। आधुनिक दृष्टि: प्राकृतिक प्रक्रिया, स्वच्छता उपलब्ध। कामाख्या में रजस्वला = पवित्र। कुल परंपरा अनुसार; भाव सर्वोपरि।
- 1मानसिक जप — मन में ईश्वर नाम जप, भजन — कभी वर्जित नहीं।
- 2भक्ति भाव — मन से प्रार्थना, श्रद्धा — सदैव शुभ।
- 3गीता/रामायण श्रवण — सुनना स्वीकार्य।
- 4व्रत — व्रत रख सकती हैं, पूजा अन्य से कराएं।
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दैनिक आचार
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