मंदिर में ध्वजारोहण कब और कैसे किया जाता है?
की चेकलिस्ट
ब्रह्मोत्सव प्रथम दिन, प्रतिष्ठा दिवस, नवरात्रि/शिवरात्रि। पुरी=प्रतिदिन! ध्वजस्तंभ → मंत्र → नया ध्वज → फहराना। देवता चिन्ह। ध्वजारोहण=शुरू, ध्वजावतरण=समाप्त।
- 1ध्वजस्तंभ (गर्भगृह सामने) = ध्वज स्थान।
- 2पुरोहित → मंत्रोच्चारण → नया ध्वज → रस्सी/पुली → ऊपर फहराना।
- 3ध्वज = देवता चिन्ह (शिव=नंदी/त्रिशूल, विष्णु=गरुड़/चक्र, देवी=सिंह)।
- 4पुरानी ध्वज = नदी विसर्जन।
- 5ध्वजारोहण = 'भगवान उपस्थित + उत्सव शुरू' — ध्वजावतरण = 'उत्सव समाप्त'।
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