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चेकलिस्ट

मंदिर में जूते चप्पल कितनी दूर उतारने चाहिए?

की चेकलिस्ट

मंदिर बाहरी प्राकार/प्रवेश द्वार से पहले उतारें। जहाँ जूता-स्टैंड हो — वहीं। कारण: शुचिता, चमड़ा अशुद्धि, नम्रता प्रतीक, पृथ्वी ऊर्जा। नंगे पैर चलें (मोजे कुछ में स्वीकार्य)। मंदिर-विशिष्ट व्यवस्था का पालन करें।

  1. 1आदर्श: मंदिर के बाहरी प्राकार (Boundary Wall) से पहले ही
  2. 2न्यूनतम: मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार से पहले
  3. 3दक्षिण भारतीय मंदिर: प्रायः मंदिर के बाहरी गोपुरम के पास ही जूता-स्टैंड
  4. 4उत्तर भारतीय मंदिर: प्रायः मंदिर सीढ़ियों के नीचे
  5. 5जहाँ मंदिर द्वारा जूता-स्टैंड/काउंटर की व्यवस्था हो — वहीं उतारें
  6. 6बड़े मंदिरों में (तिरुपति, जगन्नाथ, मीनाक्षी) — जूता-स्टैंड सेवा उपलब्ध
  7. 7छोटे मंदिरों में — सीढ़ियों के नीचे या प्रवेश द्वार के बाहर
  8. 8जूते-चप्पल बाहरी गंदगी वाहक — मंदिर की पवित्रता बनाए रखने के लिए
  9. 9चमड़े (मृत पशु) से बने होने पर — अतिरिक्त अशुद्धि
  10. 10पैरों से सीधा भूमि स्पर्श = पृथ्वी ऊर्जा से जुड़ना
  11. 11नम्रता और समर्पण का प्रतीक
  12. 12मंदिर परिसर में नंगे पैर चलें — मोजे भी कुछ मंदिरों में अनुचित
  13. 13गर्मी में फर्श गरम हो तो कपड़े के मोजे स्वीकार्य
  14. 14बड़े मंदिर परिसरों में लम्बी दूरी पैदल — सहनशक्ति रखें
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मंदिर नियम

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