मंदिर में कलश और नारियल रखने का क्या अर्थ है?
की चेकलिस्ट
कलश: ब्रह्मांड/अमृत (समुद्र मंथन), जल=जीवन। नारियल: श्रीफल, 3 आंखें=त्रिदेव, कठोर→मीठा=अहंकार→ब्रह्म। संयुक्त = सम्पूर्ण सृष्टि=पूर्णता। हर शुभ कार्य।
- 1पूर्ण कुंभ = ब्रह्मांड प्रतीक। जल = जीवन। कलश = शरीर।
- 2समुद्र मंथन = अमृत कलश।
- 37 नदी जल (कुछ) + पंचरत्न + सिक्का + सुपारी + आम पत्ता।
- 4श्रीफल = 'श्री' (लक्ष्मी) का फल।
- 53 आंखें = त्रिदेव (ब्रह्मा/विष्णु/शिव)। या शिव त्रिनेत्र।
- 6कठोर बाहर + मीठा अंदर = अहंकार तोड़ो → मिठास (ब्रह्म)।
- 7कलश पर नारियल = पूर्ण कुंभ = सर्वशुभ।
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