मंदिर में नवग्रह मंडप का क्या महत्व है?
की चेकलिस्ट
नवग्रह मंडप: 9 ग्रह प्रतिमाएँ — सूर्य केन्द्र में, 8 चारों ओर। स्थान: ध्वजस्तंभ/बलिपीठ के समीप, गर्भगृह बाहर। महत्व: ग्रह शान्ति (दर्शन+परिक्रमा = दोष कम), ब्रह्मांड का लघु रूप, सम्पूर्ण पूजा (9 ग्रह एक साथ)। परिक्रमा: दक्षिणावर्त, बीज मंत्र जप। तमिलनाडु: 9 अलग मंदिर = नवग्रह स्थल।
- 1सूर्य = केन्द्र (मध्य)
- 2अन्य 8 ग्रह सूर्य के चारों ओर अपनी-अपनी दिशा में
- 3चन्द्र = पूर्व, मंगल = दक्षिण, बुध = उत्तर, बृहस्पति = उत्तर-पूर्व, शुक्र = पूर्व-दक्षिण, शनि = पश्चिम, राहु = दक्षिण-पश्चिम, केतु = उत्तर-पश्चिम
- 4(क्रम मंदिर/सम्प्रदाय अनुसार कुछ भिन्न हो सकता है)
- 5दक्षिणावर्त (Clockwise) — सामान्य
- 6प्रत्येक ग्रह के सामने रुककर प्रणाम
- 7ग्रह मंत्र (बीज मंत्र) का मानसिक जप
- 81/3/7/9 परिक्रमा — कामना अनुसार
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श्रेणी
मंदिर वास्तु
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