मंदिर में प्रतिज्ञा लेने का क्या नियम है?
की चेकलिस्ट
प्रतिज्ञा विधि: स्नान → देवता सामने → हाथ जोड़ें → 'हे [देवता], मैं [नाम] साक्षी मानकर...' → जल से संकल्प → प्रणाम। नियम: पूर्ण करना अनिवार्य — अपूर्ण=दोष। यथार्थवादी हो। शीघ्र पूरा करें। असम्भव हो तो विद्वान से प्रायश्चित्त विकल्प। व्यापारिक सौदा = अनुचित भाव।
- 1स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण
- 2मंदिर में देवता के सामने खड़े/बैठे हों
- 3हाथ जोड़ें
- 4स्पष्ट शब्दों में अपनी प्रतिज्ञा बोलें — 'हे [देवता नाम], मैं [अपना नाम], [गोत्र], आपको साक्षी मानकर प्रतिज्ञा करता/करती हूँ कि...'
- 5जल हाथ में लेकर संकल्प बोलें (विधिवत)
- 6जल भूमि पर छोड़ें (संकल्प की पुष्टि)
- 7प्रणाम करें
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श्रेणी
मंदिर साधना
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