मंदिर में योग मंडप क्या होता है?
की चेकलिस्ट
योग मंडप: मंदिर में ध्यान-योग-प्राणायाम का शांत/एकान्त कक्ष। पंचसूत्र का 5वाँ चरण 'योग' इसी के लिए। प्राचीन: ऋषि मंदिर में ध्यान करते। आधुनिक: /चिन्मय/रामकृष्ण में ध्यान हॉल। अन्य मंडप से भिन्न: सार्वजनिक नहीं, शांत+एकान्त। मंदिर = बाह्य पूजा+कला+आन्तरिक साधना = सम्पूर्ण।
- 1शांत और एकान्त स्थान — मुख्य भीड़ से दूर
- 2अच्छा वायु-संचार (प्राणायाम हेतु)
- 3सौम्य प्रकाश — न अत्यधिक तेज, न अंधेरा
- 4स्वच्छ भूमि — आसन बिछाने योग्य
- 5मंदिर के सात्विक वातावरण से लाभान्वित
- 6प्राचीन मंदिरों (विशेषतः दक्षिण भारत) में योग मंडप/ध्यान कक्ष होते थे
- 7ऋषि/मुनि मंदिर परिसर में ध्यान करते थे
- 8शंकराचार्य मठों में आज भी ध्यान कक्ष
- 9आधुनिक मंदिर में ध्यान हॉल
- 10सामूहिक ध्यान कार्यक्रम
- 11योग कक्षाएँ
- 12प्राणायाम शिविर
- 13आध्यात्मिक प्रवचन
- 14मौन/विपश्यना सत्र
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श्रेणी
मंदिर वास्तु
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