मंत्र जप चलते-फिरते करने से भी लाभ होता है क्या?
की चेकलिस्ट
हां — मानस जप कहीं भी शुभ। किन्तु: अनुष्ठान/माला = बैठकर। चलते-फिरते = सतत स्मरण (गिनती नहीं)। आदर्श: नियत समय औपचारिक + शेष सतत। चैतन्य: चलते-नाचते 'हरे कृष्ण'।
- 1'ॐ नमः शिवाय' / 'हरे कृष्ण' / इष्ट मंत्र — कहीं भी, कभी भी मन में।
- 2मानस जप = सर्वश्रेष्ठ (शास्त्र: 1000 गुना)।
- 3मन देवता में लगा = नकारात्मक विचार दूर।
- 4औपचारिक जप (अनुष्ठान/माला जप) = आसन पर बैठकर, एकाग्र, विधिपूर्वक।
- 5चलते-फिरते = अनौपचारिक/सतत स्मरण — अनुष्ठान गिनती में नहीं।
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