मंत्र जप का सही समय क्या है?
की चेकलिस्ट
मंत्र जप का सर्वोत्तम समय ब्रह्ममुहूर्त (प्रातः 4-5:36 बजे) है — जप का फल 1000 गुना अधिक। प्रातः संध्या और सायंकाल संध्या भी शुभ हैं। प्रत्येक वार का अपना विशेष देवता है। नित्य एक ही समय जप करें — यह नियमितता जप की शक्ति बढ़ाती है।
- 1वातावरण पूर्णतः शांत
- 2मन सर्वाधिक ग्रहणशील
- 3नकारात्मक ऊर्जा न्यूनतम
- 4जप का फल 1000 गुना अधिक (शास्त्रोक्त)
- 5स्नान के बाद
- 6संध्योपासना का समय
- 7सामान्य उपासकों के लिए उत्तम
- 8दिन और रात का संगम
- 9संध्या दीप जलाकर जप
- 10गृहस्थों के लिए सर्वाधिक सुविधाजनक
- 11तांत्रिक साधना के लिए
- 12काली, भैरव, तंत्र साधनाओं हेतु
- 13अनुभवी साधकों के लिए
- 14अमावस्या: पितृ जप, काली साधना
- 15पूर्णिमा: लक्ष्मी, चंद्र जप
- 16अष्टमी: दुर्गा, काली
- 17एकादशी: विष्णु, राम नाम
- 18चतुर्थी: गणेश
- 19प्रदोष (त्रयोदशी): शिव
- 20सूतक-पातक काल में जप बंद करें या मानसिक जप करें
- 21भोजन के तुरंत बाद जप न करें
- 22अत्यंत क्रोध या उत्तेजना में जप न करें
- 23रात्रि के बाद (मध्यरात्रि के बाद) सामान्य जप बंद करें
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