मंत्र सिद्धि कितने दिनों में होती है?
की चेकलिस्ट
सिद्धि की कोई निश्चित दिन-संख्या नहीं। रुद्रयामल: भाव-शुद्धि + श्रद्धा + गुरु-कृपा = सिद्धि। काल: अल्प (1-3 माह — शुद्ध साधक), मध्यम (1-3 वर्ष), दीर्घ (3-12 वर्ष)। कुलार्णव: गुरु-कृपा से क्षण में सिद्धि। '40 दिन में सिद्धि' के दावे शास्त्र-संगत नहीं।
- 1अल्पकाल (1-3 माह): अत्यंत शुद्ध साधक, गुरु-कृपा, पूर्व-जन्म के संस्कार — तो शीघ्र सिद्धि संभव।
- 2मध्यकाल (1-3 वर्ष): सामान्य साधक जो नियमित और शुद्ध हो।
- 3दीर्घकाल (3-12 वर्ष): अनेक बाधाओं, अनियमितता, या पूर्व-कर्म के भार के कारण।
- 4सिद्धि केवल समय और संख्या से नहीं होती — भाव-शुद्धि, श्रद्धा, और गुरु-कृपा — ये तीन मिलकर सिद्धि देते हैं।
- 5नवरात्रि में 9 दिन का गहन अनुष्ठान — कुछ साधकों को प्रथम संकेत मिलते हैं।
- 641 दिन का निरंतर अनुष्ठान — हनुमान साधना में प्रचलित।
- 7108 दिन — कई देवी-साधनाओं में।
- 8गुरु की कृपा से एक क्षण में सिद्धि। बिना गुरु के करोड़ों जन्म भी पर्याप्त नहीं।
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