पितृ ऋण से मुक्ति कैसे मिलती है?
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पितृ ऋण से मुक्ति का एकमात्र शास्त्र-सम्मत मार्ग = श्राद्ध कर्म। और कोई विकल्प नहीं। श्रद्धापूर्वक अन्न/जल/पिण्ड/तर्पण से पितर तृप्त होते हैं और वंशज को आशीर्वाद देते हैं।
- 1पितरों की तृप्ति — श्रद्धापूर्वक अर्पित अन्न, जल, पिण्ड, तर्पण से पितर तृप्त होते हैं।
- 2योनि अनुसार प्राप्ति — पितर जिस भी योनि में हों (देव/असुर/पशु/सर्प), श्राद्ध का अंश उन्हें उसी रूप (अमृत/भोग/तृण/वायु) में मिलता है।
- 3वंशज पर आशीर्वाद — तृप्त पितर वंशज को आयु, धन, संतान, मोक्ष का आशीर्वाद देते हैं।
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श्राद्ध परिचय
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