पितृपक्ष में तिल का दान क्यों करते हैं
की चेकलिस्ट
तिल = विष्णु शरीर से उत्पन्न (गरुड़ पुराण), पापनाशक, पितर प्रिय, राक्षस निवारक, शुद्धिकारक। काले तिल = पितृ कर्म सर्वोत्तम। तिल-जल तर्पण, पिंड में तिल, तिल दान — सबमें प्रयोग।
- 1पापनाशक — गरुड़ पुराण — तिल विष्णु के शरीर से उत्पन्न; पापों को नष्ट करते हैं।
- 2पितर प्रिय — काले तिल पितरों को अत्यंत प्रिय; उनकी तृप्ति करते हैं।
- 3राक्षस/नकारात्मक ऊर्जा निवारण — तिल राक्षसों/अशुभ शक्तियों को दूर रखते हैं (पौराणिक मान्यता)।
- 4शुद्धि — तिल = शुद्धिकारक; पितृ कर्म में शुद्धता आवश्यक।
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श्रेणी
श्राद्ध एवं पितृ कर्म
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