पूजा घर किस दिशा में बनाना चाहिए वास्तु के अनुसार?
की चेकलिस्ट
वास्तु शास्त्र के अनुसार पूजा घर ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में बनाना सर्वश्रेष्ठ है। यदि यह संभव न हो तो पूर्व या उत्तर दिशा विकल्प है। दक्षिण और नैऋत्य कोण में पूजा घर कभी नहीं बनाना चाहिए।
- 1ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) — सर्वश्रेष्ठ, यह दिशा ईश्वरीय शक्ति के आगमन की दिशा मानी जाती है।
- 2पूर्व दिशा — यदि ईशान कोण उपलब्ध न हो तो यह दूसरा सर्वोत्तम विकल्प है।
- 3उत्तर दिशा — तीसरा विकल्प, यह भी शुभ मानी जाती है।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
पूजा घर वास्तु
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।