पूजा घर को कब और कैसे साफ करना चाहिए
की चेकलिस्ट
पूजा घर प्रतिदिन सुबह पूजा से पहले साफ करें। स्वच्छ गीले कपड़े से पोंछें, गंगाजल छिड़कें, बासी फूल हटाएं और धूप जलाएं। रासायनिक क्लीनर और झाड़ू का उपयोग न करें।
- 1प्रतिदिन सुबह — प्रातःकाल स्नान के बाद और पूजा आरंभ करने से पहले पूजा स्थल की सफाई अनिवार्य है।
- 2संध्या पूजा से पहले — यदि संध्या काल में भी पूजा करते हैं तो हल्की सफाई करें।
- 3प्रत्येक पर्व व अमावस्या/पूर्णिमा — विशेष तिथियों पर गहरी सफाई करें।
- 4संक्रांति और नवरात्रि आरंभ — ऋतु परिवर्तन या विशेष व्रत-पर्व से पूर्व संपूर्ण शुद्धि करें।
- 5स्वच्छ जल से पोंछें — पूजा स्थल को साफ गीले कपड़े से पोंछें। रासायनिक क्लीनर का उपयोग न करें।
- 6गंगाजल छिड़काव — सफाई के बाद गंगाजल का छिड़काव करने से स्थान की पवित्रता बढ़ती है।
- 7गोमूत्र या गोबर से शुद्धि — परंपरागत रूप से गोबर के लेपन या गोमूत्र के छिड़काव से शुद्धि की जाती है, विशेषकर भूमि पर स्थित पूजा स्थल के लिए।
- 8मूर्तियों की सफाई — मूर्तियों को मुलायम सूती कपड़े से पोंछें। पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर) से स्नान कराना उत्तम माना जाता है।
- 9धूप-अगरबत्ती — सफाई के बाद धूप जलाएं, इससे वातावरण शुद्ध होता है।
- 10पुरानी सामग्री हटाएं — बासी फूल, राख, पुरानी सामग्री नियमित रूप से हटाएं और बहते जल (नदी) या तुलसी के पौधे के नीचे विसर्जित करें।
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