पूजा घर में पूर्वजों की तस्वीर लगानी चाहिए या नहीं
की चेकलिस्ट
सामान्यतः पूजा घर में पूर्वजों की तस्वीर नहीं लगानी चाहिए — देव पूजा और पितृ तर्पण अलग कर्म हैं। पूर्वजों की तस्वीर दक्षिण दीवार (लिविंग रूम) में लगाएं। कुल परंपरा भिन्न हो तो पंडित से पूछें।
- 1देव और पितृ अलग — शास्त्रों में देव पूजा और पितृ तर्पण अलग-अलग कर्म हैं। पूजा स्थल देवताओं के लिए है; पितरों का स्मरण अलग विधान (श्राद्ध, तर्पण) से होता है।
- 2ऊर्जा भिन्नता — देवताओं की ऊर्जा सात्विक और ऊर्ध्वगामी है; पितरों की ऊर्जा भिन्न मानी जाती है। दोनों को एक स्थान पर मिलाना उचित नहीं।
- 3दुःख का स्मरण — दिवंगतों की तस्वीर देखकर शोक/उदासी का भाव आ सकता है जो पूजा की एकाग्रता भंग करता है।
- 4वास्तु विशेषज्ञों का मत — अधिकांश वास्तु सलाहकार पूजा घर में पूर्वजों की तस्वीर न लगाने की सलाह देते हैं।
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