प्रतिपदा श्राद्ध किसका किया जाता है?
की चेकलिस्ट
प्रतिपदा श्राद्ध उन मृत सदस्यों (पिता/माता/दादा/दादी आदि) का होता है जिनकी मृत्यु किसी भी मास के शुक्ल/कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा (पहली तिथि) को स्वाभाविक रूप से हुई हो। अकाल मृत्यु वालों का इस दिन वर्जित — उनका चतुर्दशी को। मातामह (नाना-नानी) श्राद्ध भी इसी दिन।
- 1परिवार के किसी भी मृत सदस्य का — पिता, माता, दादा, दादी आदि।
- 2यदि उनकी मृत्यु प्रतिपदा (पहली) तिथि को हुई हो।
- 3हिन्दू पंचांग के किसी भी मास के।
- 4शुक्ल पक्ष या कृष्ण पक्ष — दोनों में से किसी भी पक्ष की प्रतिपदा।
- 5उनका वार्षिक पार्वण श्राद्ध पितृ पक्ष की इसी प्रतिपदा तिथि को।
- 6यह श्राद्ध 'अनिवार्य रूप से' किया जाना चाहिए।
- 7शास्त्रों में यह स्पष्ट भेद बताया गया है कि यह तिथि केवल उन पितरों के लिए निर्धारित है जिनकी मृत्यु स्वाभाविक रूप से प्रतिपदा को हुई हो।
- 8जो व्यक्ति किसी दुर्घटना या अप्राकृतिक कारण से मृत्यु को प्राप्त हुए हों, उनका श्राद्ध इस तिथि पर वर्जित है, चाहे उनकी मृत्यु प्रतिपदा को ही क्यों न हुई हो।
- 9अकाल मृत्यु वालों का श्राद्ध चतुर्दशी को होता है।
- 10प्रतिपदा का एक और महत्त्वपूर्ण पहलू = मातामह श्राद्ध (नाना-नानी का श्राद्ध)।
- 11यह तिथि मातृकुल के लिए विशेष विशेषाधिकार रखती है।
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प्रतिपदा श्राद्ध
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