प्रतिपदा श्राद्ध करने से पितरों को क्या संदेश जाता है?
की चेकलिस्ट
प्रतिपदा श्राद्ध करने से पितरों को दो संदेश मिलते हैं — (1) उनके वंशज उनके प्रति कृतज्ञ हैं (उन्हें भूले नहीं) (2) वंशजों ने पितृ पक्ष के प्रथम दिन ही अपने कर्तव्यों का निर्वहन आरंभ कर दिया है (विलंब नहीं किया)।
- 1पितरों को यह ज्ञात होता है कि उनके वंशज उनके प्रति कृतज्ञ हैं।
- 2अर्थात् वंशज अपने पूर्वजों को भूले नहीं हैं।
- 3यह संदेश पितरों के लिए अत्यंत संतोषदायक होता है।
- 4वंशजों ने पितृ पक्ष के प्रथम दिन ही अपने कर्तव्यों का निर्वहन आरंभ कर दिया है।
- 5अर्थात् वे विलंब नहीं कर रहे, बल्कि सबसे पहले दिन से ही अपना दायित्व निभा रहे हैं।
- 6प्रतिपदा = पितृ पक्ष का प्रवेश द्वार।
- 716 दिवसीय श्राद्ध यात्रा का प्रारंभ बिंदु।
- 8इस पवित्र काल में पूर्वज वायु रूप में अपने वंशजों के द्वार पर आते हैं।
- 9वे सम्मान, तर्पण और अन्नादि की प्रतीक्षा करते हैं।
- 10प्रतिपदा को श्राद्ध करने से उनकी प्रतीक्षा का प्रथम दिन ही फलीभूत होता है।
- 11संतोष और प्रसन्नता।
- 12वंशजों के प्रति आशीर्वाद की भावना।
- 13कर्तव्य निर्वहन का संतोष।
- 14पितरों के आशीर्वाद की प्राप्ति।
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प्रतिपदा श्राद्ध
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