पुत्रदा एकादशी व्रत कैसे रखें
की चेकलिस्ट
पुत्रदा एकादशी: श्रावण/पौष शुक्ल एकादशी = सन्तान प्राप्ति हेतु। निराहार/फलाहार → विष्णु/बालकृष्ण पूजा → सन्तान गोपाल मंत्र → कथा → जागरण → द्वादशी पारण। कथा: सन्तानहीन राजा महीजित को व्रत से पुत्र प्राप्ति। दम्पति साथ करें।
- 1दशमी सायं सात्विक एक-समय भोजन।
- 2एकादशी प्रातः स्नान → संकल्प: 'सन्तान प्राप्ति एवं विष्णु प्रीति हेतु पुत्रदा एकादशी व्रत करता/करती हूँ।'
- 3पूर्ण उपवास (निराहार) या फलाहार। चावल, अन्न वर्जित।
- 4भगवान विष्णु/श्रीकृष्ण/बालकृष्ण की पूजा।
- 5श्रीमद् भगवद्गीता या विष्णु सहस्रनाम पाठ।
- 6'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र जप (108/1008 बार)।
- 7सन्तान गोपाल मंत्र: 'ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं देवकीसुत गोविन्द वासुदेव जगत्पते। देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः॥' (सन्तान प्राप्ति विशेष)।
- 8पुत्रदा एकादशी कथा श्रवण।
- 9रात्रि जागरण।
- 10द्वादशी प्रातः स्नान → पूजा → ब्राह्मण भोजन → पारण।
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