रामायण किसने लिखी?
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रामायण के रचयिता: महर्षि वाल्मीकि — 'आदिकवि'। 24,000 श्लोक, 7 काण्ड। राम के समकालीन — प्रत्यक्ष साक्षी कवि। पूर्व नाम रत्नाकर था। तुलसीदास की रामचरितमानस अलग (मध्यकाल, हिंदी) — स्मृति ग्रंथ। वाल्मीकि रामायण ही मूल प्रामाणिक।
- 1उनका पूर्व नाम 'रत्नाकर' था — वे एक राजमार्ग-डाकू थे।
- 2महर्षि नारद की प्रेरणा से उन्होंने 'राम-राम' का जप किया और ऋषि बने।
- 3उनके आश्रम में ही सीता ने वनवास काल बिताया और लव-कुश का जन्म हुआ।
- 4वाल्मीकि ने स्वयं श्रीराम के समकालीन होकर रामायण रची — इसलिए वे 'प्रत्यक्ष साक्षी' कवि माने जाते हैं।
- 524,000 श्लोक (चतुर्विंशति सहस्र)
- 67 काण्ड: बाल, अयोध्या, अरण्य, किष्किंधा, सुंदर, युद्ध, उत्तर
- 7भाषा: शुद्ध संस्कृत
- 8प्रथम श्लोक: क्रौंच-पक्षी की वेदना से उत्पन्न 'मा निषाद...' — शोक से श्लोक की उत्पत्ति
- 9तुलसीदास रचित रामचरितमानस (हिंदी, अवधी) — यह स्मृति ग्रंथ है, श्रुति नहीं।
- 10कम्बन रामायण (तमिल), अध्यात्म रामायण आदि भी प्रसिद्ध हैं।
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