ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
चेकलिस्ट

साधना में ऊपर चढ़कर गिरने का अनुभव क्या है?

की चेकलिस्ट

'ऊपर चढ़कर गिरना': प्रगति बाद पतन/ठहराव। कारण: संस्कार-शुद्धि (कूड़ा जलने=धुआँ), परीक्षा, अहंकार, थकान-विश्राम। गीता 6.40: 'योगभ्रष्ट कभी नष्ट नहीं — अगले जन्म वहीं से।' साधना=कभी व्यर्थ नहीं। करें: निराश नहीं, गुरु, साधना जारी (5 मिनट भी), धैर्य।

  1. 1भयभीत/निराश न हों — यह सामान्य+अस्थायी
  2. 2गुरु-सम्पर्क — मार्गदर्शन
  3. 3साधना जारी — पतन में भी हल्की साधना (5 मिनट भी)
  4. 4आत्म-करुणा — 'मैं गिरा' → 'मैं फिर उठूँगा'
  5. 5धैर्य — साधना = सीढ़ी — कभी ऊपर कभी नीचे = स्वाभाविक
  6. 6गीता 6.40: 'न हि कल्याणकृत्कश्चिद्दुर्गतिं तात गच्छति' — शुभ कर्म करने वाला कभी दुर्गति को नहीं जाता।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें

मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।

श्रेणी
साधना अनुभव

इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।